स्थानीय📍भीलवाड़ा20 जनवरी, 2026

भक्तामर विधान का हुआ समापन: मुनियों ने बताए कर्म क्षय के अचूक उपाय

सोमवार को आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के समीप स्थित तरणताल परिसर एक आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र में बदल गया, जहाँ भक्तामर मंडल विधान का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में श्रुतसंवेगी मुनि आदित्यसागर महाराज की पावन उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में भक्तों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ विधान की पूर्णाहूति की। हजारों की संख्या में जुटे जैन धर्म के अनुयायियों ने भक्ति और आराधना में डूबकर पुण्य अर्जित किया। समारोह के दौरान मुनि आदित्यसागर ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य कर्मों के बंधन से मुक्ति पाना है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि भक्तामर जैसे शक्तिशाली विधानों का अनुष्ठान और नियमित आराधना ही जीवन के कठिन कर्मों को काटने का सबसे अचूक मार्ग है। इस अवसर पर भक्तों ने साधर्मिक वात्सल्य और हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को बधाई दी।
#भक्तामर विधान#आदिनाथ जैन मंदिर#मुनि आदित्यसागर#भक्ति#आराधना
NEW
न्यूज़ टिप भेजें