स्थानीय📍नागौर20 जनवरी, 2026

नागौर में खेत तलाई: 9 हजार से ज्यादा फार्म पॉन्ड से किसानों की बदली किस्मत, सिंचाई क्षेत्र में बंपर बढ़ोतरी

नागौर, जो कि शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु के लिए जाना जाता है, वहां 'फार्म पॉन्ड' (खेत तलाई) योजना किसानों के जीवन में खुशहाली लेकर आई है। पिछले दो वर्षों के भीतर, नागौर जिले में 6,606 फार्म पॉन्ड का निर्माण किया गया, जिस पर सरकार द्वारा 42.32 करोड़ रुपये का भारी अनुदान वितरित किया गया। सरकारी सहयोग से बनने वाले इन तालाबों की कुल संख्या 9 हजार को पार कर गई है, जिसमें पहले से निर्मित तालाब और किसानों द्वारा स्व-वित्तपोषित निर्माण भी शामिल हैं। इस जल संरक्षण क्रांति का सीधा असर खेती पर पड़ा है; जिले का सिंचित क्षेत्र लगभग 18,000 से 20,000 हेक्टेयर तक बढ़ गया है। पानी की निश्चित उपलब्धता ने कृषि को मजबूती प्रदान की है, जिससे पान मैथी, सरसों, जीरा और मूंग जैसी नकदी फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मंडियों में इन जिंसों की आवक बढ़ने के साथ ही, जिले में प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिली है। पिछले चार-पांच वर्षों में पान मैथी और जीरा की प्रोसेसिंग यूनिट, मूंग दाल की फैक्टरियां और सरसों की तेल मिलों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसने स्थानीय स्तर पर कई श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर खोले हैं।
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