रामदेव पशु मेला 2026: क्या बैल ले जा पाएंगे पशुपालक? सरकार को अभी से करनी होगी खास तैयारी!
नागौर जिले में 19 फरवरी से विश्व विख्यात राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले का आगाज होने जा रहा है, जिसके मद्देनजर पशुपालन विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, इस मेले से जुड़े पशुपालकों के मन में एक बड़ा सवाल और चिंता बनी हुई है: क्या वे अपने खरीदे हुए गोवंश को सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के राज्य से बाहर ले जा पाएंगे? विगत दो वर्षों में यह देखा गया है कि गो-तस्करी के आरोपों के चलते पशु मेलों में हंगामा हुआ है, और कई बार तो रास्ते में बैलों से भरे ट्रकों को रोककर उन्हें खाली करा दिया गया, जिससे पशुपालकों को करोड़ों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। यह स्थिति तब और हास्यास्पद हो जाती है जब राज्य सरकार के अधीन संचालित पशुपालन विभाग स्वयं इन मेलों का आयोजन करता है, फिर भी पशुओं और पशुपालकों की सुरक्षा एवं उनके परिवहन की गारंटी सुनिश्चित करने में विफल रहता है। इस बार मेले में आने वाले विक्रेता और खरीददार दोनों ही आशंकित हैं कि कहीं उन्हें फिर से असामाजिक तत्वों के विरोध या सरकारी अव्यवस्था के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग को समय रहते परिवहन संबंधी स्पष्ट नीतियां और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
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