नागौर में खनन माफिया बेखौफ, खनिज विभाग की 'कुंभकर्णी नींद' पर उठे सवाल
राजस्थान के नागौर और डीडवाना-कुचामन क्षेत्र इन दिनों अवैध खनन गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं। धड़ल्ले से चल रहे इस गैरकानूनी कारोबार पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है, लेकिन विभाग की उदासीनता और निष्क्रियता चिंता का विषय बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, विभाग वर्ष भर आंखें मूंदे रहता है और जब भी कोई कार्रवाई होती भी है, तो वह केवल खानापूर्ति के लिए होती है। विभाग के अधिकारी अक्सर बड़े खनन माफियाओं पर कार्रवाई करने से बचते हुए छोटे स्तर के अवैध खननकर्ताओं को निशाना बनाते हैं। ऐसी सीमित कार्रवाइयों के बाद अधिकारी अपनी पीठ थपथपाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी निगरानी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
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