राजनीति📍भीलवाड़ा21 जनवरी, 2026

सरकारी स्कूलों की सफ़ाई अब पंचायतें संभालेंगी: स्वच्छ भारत मिशन के तहत बदला नियम

राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही सफाई संबंधी चुनौतियों का स्थायी समाधान निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, अब राजकीय विद्यालयों के परिसर और शौचालयों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी पंचायत राज विभाग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों को दी जाएगी। अब तक यह कार्य अक्सर शिक्षकों या छात्रों पर निर्भर रहता था, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता था। नए दिशा-निर्देशों के तहत, पंचायतों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष संवेदकों (ठेकेदारों) को नियुक्त करना होगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि स्कूल परिसर में कचरा प्रबंधन और शौचालय स्वच्छता का स्तर बेहतर हो। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 'पीएमश्री' स्कूलों से की जाएगी, जिन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सफल कार्यान्वयन के बाद इसे क्षेत्र के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति मिलेगी और बच्चों को स्वच्छ वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, बशर्ते पंचायतों द्वारा इसकी प्रभावी निगरानी की जाए।
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