सूचना ही जीवन का प्रकाश: अरुणा रॉय ने पत्रकारिता में निष्पक्षता पर दिया बल
अजमेर में आयोजित लोकतंत्र और मीडिया विषयक 'पत्रिका-की नोट' कार्यक्रम में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरुणा रॉय ने मीडिया और सूचना के महत्व पर गहन विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूरचंद कुलिश के योगदान को याद करते हुए कहा कि पत्रिका हमेशा से आम जनता की आवाज बनकर खड़ी रही है, खासकर मुश्किल समय में। रॉय ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी है, जिसके बिना नागरिक जीवन अंधेरे में रह जाएगा। उन्होंने हाल ही में लाए गए डिजिटल प्रोटेक्शन एक्ट जैसे कानूनों पर चिंता जताई, जो व्यक्तिगत सहमति के बिना सूचना लेने की पत्रकारिता की क्षमता को सीमित कर सकते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने पत्रकारों से नैतिक भूमिका निभाने का आग्रह किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकायुक्त एसएस कोठारी ने की। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने संस्कृति को बनाए रखने में पत्रकारिता की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि मीडिया को समाज से जुड़कर कार्य करना चाहिए, न कि केवल बौद्धिक आधार पर। विधायक अनिता भदेल ने मीडिया के दायित्व को लोकतंत्र को परिष्कृत करना बताया, जिसमें निष्पक्षता सर्वोपरि है। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. सुरेश अग्रवाल ने सूचना को ज्ञान से परे जीवन का दृष्टिकोण बताया, जबकि कोठारी ने डिजिटल युग में तथ्यों की गहन जांच और विश्लेषण की आवश्यकता पर जोर दिया। यह कार्यक्रम पत्रिका समूह द्वारा कुलिश शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित किया गया था।
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