स्थानीय📍भीलवाड़ा21 जनवरी, 2026

भीलवाड़ा में भक्तामर विधान का महासंगम: इंद्र-इंद्राणियों ने चढ़ाया दिव्य अर्घ्य, भक्ति में झूमे श्रद्धालु

भीलवाड़ा में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य 'भक्तामर महामंडल विधान' के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आचार्य विशुद्ध सागर के शिष्य मुनि आदित्य सागर के मार्गदर्शन में तरणताल परिसर में भक्तामर के मंत्रों का जाप हुआ, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। अवकाश के चलते बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने विधान में सक्रिय रूप से भाग लिया। भक्ति संगीत की स्वर लहरियों के बीच, इंद्र-इंद्राणियों के विशेष परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने मंत्रों की शक्ति के साथ 48 अर्घ्य समर्पित किए। मुनि अप्रमितसागर ने भक्तामर के 48 काव्यों का सजीव पाठ किया, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। विधान का मुख्य आकर्षण तब बना जब सौधर्म इंद्र विकास सेठी और कुबेर इंद्र संजय झांझरी सहित अन्य प्रमुख इंद्रों ने विधान मंडल पर आहुतियां दीं। कुबेर इंद्र की ओर से प्रतीकात्मक रत्नों की वर्षा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुनि आदित्य सागर ने प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन, मन और वचन पुण्य कर्मों से मिलते हैं, इनका सदुपयोग करना चाहिए और समय को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। इस आध्यात्मिक समागम का समापन सोमवार शाम को होना निर्धारित है।
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