स्थानीय📍भीलवाड़ा21 जनवरी, 2026

बजट 2026 से बुजुर्गों को आस: रेलवे छूट की बहाली और स्वास्थ्य बीमा पर टिकी निगाहें

आगामी केंद्रीय बजट से राजस्थान सहित देशभर के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों को जीवन में सम्मान और ठोस सहारे की उम्मीद है। उनका स्पष्ट मानना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वित्तीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के रूप में वास्तविक लाभ चाहिए। यह मांग इसलिए भी जोर पकड़ रही है क्योंकि वर्ष 1999 की 'नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन' को 26 साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज तक उसका संशोधित ड्राफ्ट संसद में लंबित पड़ा है। वरिष्ठ नागरिकों में सबसे बड़ा आक्रोश कोरोना काल में बंद की गई रेलवे यात्रा रियायत को लेकर है, जिसे वे अपना अधिकार मानते हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार आधुनिक स्टेशन बना रही है, वहीं दूसरी ओर किराए में वृद्धि करके उनकी आवाजाही सीमित कर दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों की मुख्य मांगों में स्वास्थ्य बीमा को सस्ता करना, कानूनी सुरक्षा मजबूत करना और आर्थिक राहत देना शामिल है। वे चाहते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम उम्र बढ़ने के साथ न बढ़े और पुरानी बीमारियों को भी शामिल किया जाए। कानूनी मोर्चे पर, 'मेंटेनेंस एक्ट 2007' में संशोधन कर ट्रिब्यूनल में वकीलों की अनिवार्यता खत्म हो ताकि न्याय तेजी से मिले और भरण-पोषण की राशि बच्चों की वास्तविक आय के अनुसार तय हो। इसके अलावा, गैर-पेंशनभोगी बुजुर्गों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 2% अतिरिक्त ब्याज और अकेले रहने वालों के लिए पुलिस बीट व्यवस्था को अनिवार्य बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। बुजुर्गों का मानना है कि जब तक उनकी खुशहाली सुनिश्चित नहीं होगी, 'विकसित भारत' का सपना अधूरा रहेगा।
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